कांग्रेस सरकार ने धन का रोना रोते रोते एक साल बीता दिया ......... प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डूबोने में कांग्रेस की सरकार जिम्मेवार ....

कांग्रेस सरकार ने धन का रोना रोते रोते एक साल बीता दिया .........  प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डूबोने में कांग्रेस की सरकार जिम्मेवार ....

अक्स न्यूज   लाइन .. शिमला, 05 अक्तूबर   

 कांग्रेस पार्टी की सरकार हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आने के बाद एक साल होने को आया है। आज भी सुखविन्द्र सरकार के मंत्रियों, प्रवक्ताओं और स्वयं मुख्यमंत्री के बयानो से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस यह मानने को तैयार नहीं है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है और भाजपा प्रतिपक्ष में है। सरकार में स्थापित लोगों के निरंतर एक ही बयान आ रहे हैं कि भाजपा ने यह नहीं किया, वो नहीं किया, ऐसा नहीं किया, वैसा नहीं किया और केवल और केवल धन का रोना रोते रोते एक साल बीता दिया।

राजीव बिन्दल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लम्बे समय तक कांग्रेस पार्टी ही सत्ता में रही, भारतीय जनता पार्टी तो 1990 के बाद सत्ता में आनी शुरू हुई। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डूबोने का काम यदि किसी ने किया है तो उसके लिए कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की सरकार जिम्मेवार है। 2022 के आम चुनावों के दौरान अरबों रूपये की घोषणाएं, गारंटियां जब चुनावी जनसभाओं में कांग्रेस के नेता दे रहे थे उस समय प्रदेश की माली हालत का इन्हे सब कुछ मालूम था, फिर भी केवल और केवल झूठ के आधार पर वोट बटोरने के लिए गारंटियां बांटी जा रही थी। 

बिन्दल ने कहा कि पिछले 10 महीनो में अव्यवस्था ही व्यवस्था है। 1500 स्कूल, कालेज, अस्पताल, तहसीले इत्यादि संस्थान बंद कर दिए और उनका कोई माकूल जवाब सरकार नहीं दे रही है, यह सबसे बड़ी अव्यवस्था है।एक लाख बेरोजगारों को पहली कैबिनेट में सरकारी नौकरी देने की गारंटी पूरी न करके बेरोजगार युवकों की पीठ में छूरा घोंपा है और इसके विपरीत हजारों लोग जो नौकरी में लगे हुए हैं उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या होगी ? जिला परिषद कर्मी सड़क पर है, उनको झूठे वायदे किए गए। एस0एम0सी0 अध्यापक सड़क पर हैं उनको झूठे वायदे किए गए और कोरोना वारियर्स रोते बिलखते कांग्रेस की सरकार के शिकार हो गए हैं, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या हो सकती है ? चम्बा से लेकर सिरमौर तक कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी हुई है। 
दलित युवक की बेरहमी से हत्या चम्बा जिला में होती है। हजारों लोग सड़कों पर उतरते हैं परन्तु सरकार को रत्ती भर भी रंज नहीं होता, दुख नहीं होता और यह हत्याओं का, बलात्कार का, चोरियों का, डकैतियों का सिलसिला जोरों पर चल रहा है।

जनता त्रस्त है, सरकार मस्त है। कानून व्यवस्था राम भरोसे है। इससे बड़ी अव्यवस्था क्या हो सकती है कि सिरमौर में एक महिला जेलर को बंधक बनाकर लूट लिया जाता है। हमीरपुर जिला में महिला के बाल काटकर, मुंह काला कर के सड़कों पर घुमाया जाता है और दिन दिहाड़े बंदूकों से फायरिंग होती है और सरकार हाथ पर हाथ धर कर बैठे रहती है।
बिन्दल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार बेचारी होने का ढोंग रच रही है। ऐसा न होने का ढिंढोरा पीट रही है जबकि गैर कानूनी तौर पर चीफ पार्लियामेंट सैक्रेट्रीज की फौज भर्ती की है जिन्हें पूरा सरकारी अमला प्रदान करके सरकार पर खर्चे का बोझ बढ़ाया है।

कैबिनेट रैंक के अनेक ओ0एस0डी0/सलाहकार प्रतिदिन भर्ती किए जा रहे हैं। घाटे में चल रहे सरकारी संस्थानों का लगातार घाटा बढ़ता जा रहा है। इसके विपरीत जहां सीधा सीधा जनकल्याण जुड़ा है जैसा कि नगर पालिकाएं, नगर निगम, नगर पंचायतों से सौ करोड़ रूपये विकास कार्यों का वापिस मांग लिया है। सरकार के खर्चे में कोई कटौती नहीं, विकास कार्य पूरी तरह बंद है, यह है अव्यवस्था।