अक्स न्यूज लाइन शिमला 16 जनवरी :
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के भीतर चल रहा आपसी टकराव और बयानबाज़ी अब खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है। मंत्री, अधिकारी और सरकार के विभिन्न घटक आपस में उलझे हुए हैं, जबकि प्रदेश की जनता इस पूरे सत्ता संघर्ष में बुरी तरह परेशान हो चुकी है।
बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के हालिया बयानों ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस सरकार के भीतर न तो समन्वय है और न ही नेतृत्व की स्पष्ट दिशा। एक मंत्री कुछ कहता है, दूसरा उसका खंडन करता है और तीसरा संयम की नसीहत देता है—यह सब मिलकर सरकार की अराजक स्थिति को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि जब मंत्री खुलेआम सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से अधिकारियों पर टिप्पणी करते हैं और फिर उसी सरकार के अन्य मंत्री इसे अनुचित बताते हैं, तो इससे प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल टूटता है और निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित होती है। इसका सीधा असर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े फैसलों पर पड़ रहा है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस ‘आंतरिक रण’ का खामियाजा हिमाचल की 75 लाख जनता भुगत रही है। न तो विकास कार्यों में गति है, न ही शासन में स्थिरता। सचिवालय से लेकर फील्ड तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है और अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे कि किसके निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर विवादों को हवा दे रही है। जब जनता महंगाई, बेरोजगारी और सुरक्षा जैसे मुद्दों से जूझ रही है, तब सरकार के मंत्री आपसी बयानबाज़ी में व्यस्त हैं।
बिहारी लाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी इस अव्यवस्था, अराजकता और जनता विरोधी रवैये को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस सरकार को सत्ता संघर्ष छोड़कर जनता के हितों पर ध्यान देना होगा, अन्यथा प्रदेश की जनता आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।